लवप्रीत सिंह गोल्ड से 1 किलो दूर, कॉमनवेल्थ में जीता सिल्वर मेडल

नई दिल्ली
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह गोल्ड मेडल जीतने से महज 1 किलो पीछे रह गए. पुरुषों के 110+ किलोग्राम वर्ग के फाइनल में उन्होंने कुल 388 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया. यह मुकाबला आखिरी लिफ्ट तक बेहद रोमांचक रहा, जहां न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने अंतिम प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड पर कब्जा जमा लिया.

लवप्रीत सिंह ने स्नैच में बेहतरीन शुरुआत की. उन्होंने तीनों प्रयास सफलतापूर्वक पूरे किए और 176 किलोग्राम वजन उठाया. इसके मुकाबले डेविड लिटी सिर्फ 166 किलोग्राम ही उठा सके. यानी स्नैच के बाद भारतीय खिलाड़ी के पास 10 किलो की मजबूत बढ़त थी.

ये भी पढ़ें :  फीफा वर्ल्ड कप 2026 का 'महाकुंभ' तैयार, इराक ने छीना आखिरी टिकट, इटली जैसे दिग्गज टूर्नामेंट से बाहर

इसके बाद क्लीन एंड जर्क में मुकाबले की तस्वीर बदल गई. लवप्रीत सिंह ने 212 किलोग्राम वजन उठाकर अपना कुल स्कोर 388 किलोग्राम पहुंचाया. इसके बाद लिटी ने 223 किलोग्राम का जबरदस्त लिफ्ट लगाकर कुल 389 किलोग्राम के साथ सिर्फ 1 किलो के अंतर से गोल्ड मेडल जीत लिया.

गोल्ड से चूकने पर लवप्रीत ने क्या कहा?
फाइनल के बाद लवप्रीत सिंह ने माना कि तीसरा क्लीन एंड जर्क अटेम्प्ट सफल नहीं होने का अफसोस हमेशा रहेगा. उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई कहा, 'गोल्ड से सिर्फ 1 किलो दूर रह जाना दुख देता है. अगर मेरा आखिरी प्रयास सफल हो जाता तो नतीजा अलग हो सकता था. मैंने ट्रेनिंग में इससे ज्यादा वजन उठाया है, लेकिन आज वैसा नहीं कर सका. अब मेरा पूरा फोकस एशियन गेम्स जैसे अगले बड़े टूर्नामेंट पर रहेगा.'

ये भी पढ़ें :  WPL में हरमनप्रीत कौर ने बनाया इतिहास, भारत की पहली खिलाड़ी बनीं ऐसा करने वाली

सिल्वर मेडल जीतने के बाद लवप्रीत सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने सपोर्ट सिस्टम को दिया. उन्होंने अपना मेडल कोच विजय शर्मा, भारतीय भारोत्तोलन महासंघ, भारत सरकार और भारतीय नौसेना के कैप्टन विजय कुमार को समर्पित करते हुए कहा कि इन सभी के सहयोग और विश्वास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया.

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टिंग में भारत का ये नौवां पदक रहा. उधर महिलाओं के +96 किलोग्राम वर्ग में भारत की युवा वेटलिफ्टर मार्टिना देवी पदक नहीं जीत सकीं, लेकिन उन्होंने शानदार जज्बा दिखाया. मार्टिना अपने पहले दो स्नैच प्रयासों में असफल रहीं. दबाव के बीच तीसरे प्रयास में उन्होंने 105 किलोग्राम वजन उठाकर मुकाबले में वापसी की.

ये भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बतया- आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट बनाने में देश में बना नंबर 'वन' यूपी

क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 140 किलोग्राम का वजन उठाया और कुल 245 किलोग्राम के साथ पांचवें स्थान पर रहीं. वह चौथे स्थान की खिलाड़ी के बराबर कुल वजन उठाने में सफल रहीं, लेकिन काउंटबैक नियम के कारण उन्हें पांचवें स्थान से संतोष करना पड़ा. 144 और 146 किलोग्राम के उनके प्रयास सफल नहीं हो सके.

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment